सिंधिया राजवंश के जीवाजी क्लब में मेम्बरों के साथ भेदभाव,
कार्यसमिति के सदस्य लावण्य शर्मा ने खोली पोल
ग्वालियर के सबसे बहुचर्चित धनाढ्य और एलीट क्लास क्लब जिसकी नींव सिंधिया राजवंश द्वारा रखी गई थी अब यही विरासत विवादों में घिरता नजर आ रहा है। यूँ तो जीवाजी क्लब हमेशा ही चर्चाओं में रहता है लेकिन अपनी तमाम खामियों अनियमितताओं अय्याशियों और रईसों की कारगुजारियों के बावजूद शहर के धनाढ्यों नौकरशाह और राजनेताओं की पहली पसंद बना हुआ है। यही वजह है कि यहाँ कुछ भी काला पीला होता रहे बातें बाहर नहीं आतीं। लेकिन एक बात आपको बता दें कि कि इस एलीट क्लास के क्लब से आम जनता को तिनका बराबर भी लाभ नहीं है।
अब बात करते हैं यहाँ चलने वाली गतिविधियों की तो इस क्लब के साहबों के ताकतवर रसूख के चलते किसी की हिम्मत नहीं कि चूँ भी कर पाए। ताज़ा मामला जीवाजी क्लब में वायरल हुए वीडियो का है जिसमें एक युवा और कार्यकारिणी सदस्य लावण्य शर्मा ने जीवाजी क्लब में चल रहे नियमों के उल्लंघन पर सवाल उठाए हैं। वैसे तो क्लब की कैंटीन रात 11 बजे बंद कर दी जाती है लेकिन कोई रसूखदार व्यक्ति के आता है तो यहाँ 24 घंटे सुविधा उपलब्ध कराई जाती हैं नियमों के उल्लंघन और जीवाजी क्लब की पोल खोलने वाला लाइव वीडियो जैसे ही वायरल हुआ तत्काल प्रभाव से लावण्य शर्मा को कारण बताओ नोटिस दे दिया गया। हालांकि जब हमने क्लब के अध्यक्ष राजेंद्र सेठ से बात करना चाही तो उन्होंने आज कल का बहाना लेकर कोई भी बयान देने से इन्कार कर दिया। बहरहाल इस वीडियो में जिस तरह से कार्यकारिणी सदस्य लावण्य शर्मा ने जीवाजी क्लब में जारी गतिविधियों की पोल खोली है वो काफी हिम्मत का काम है क्योंकि एक आईपीएस की मौजूदगी में जब पूरा जीवाजी क्लब उस आईपीएस की सेवा में जुटा है ऐसे में अपनों के खिलाफ आवाज उठाना पैरों पर कुल्हाड़ी मारने के बराबर है। लेकिन लावण्य शर्मा का कहना है कि यहाँ के तीन हजार सदस्यों का सम्मान उतना ही मैटर करता है जितना किसी भी रसूखदार आईएएस आईपीएस या किसी बड़े आदमी का लेकिन क्लब प्रबंधन अपनी मनमानी करते हुए क्लब के सदस्यों को अपमानित करते हुए रसूखदारों की सेवा में लगा हुआ है।
