सिंधिया परिवार के कथित राजगुरू पर गुंडागर्दी के आरोप,
कोर्ट ने पुलिस को दिए जाँच के आदेश, दूल्हे के साथ शादी के दिन की थी बेरहमी
ग्वालियर में शहर काजी के भाई और खुद को सिंधिया राजपरिवार का तथाकथित राजगुरू कहलाने वाले समद कादरी एक बार फिर से विवादों में घिरते नजर आ रहे हैं। कोर्ट ने समद कादरी और उनके गुर्गों तोसिम, अरशद आदि के खिलाफ पुलिस को जाँच के बाद कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं। गौरतलब है कि समद कादरी ग्वालियर के शहर काजी अब्दुल अजीज कादरी के भाई हैं और हर विवाद में अपना रुतबा दिखाने के लिए सिंधिया परिवार का नाम इस्तमाल करने की कोशिश करते नज़र आते हैं और यही वजह है कि शायद पुलिस भी इन पर हाथ डालने से कतराती है। पर इस बार मामला थोड़ा अलग नज़र आ रहा है क्यूंकि समद क़ादरी के ख़िलाफ़ पीड़ित-पक्ष ख़ुद चार पीढ़ियों से सिंधिया परिवार से अपने पारिवारिक संबंध बता रहा है उसका कहना है। पीड़ित पक्ष इमरान का कहना है कि उसके पिता सैय्यद नासिर अली ताउम्र सिंधिया ताज़िया कमेटी के अध्यक्ष रहे हैं और शायद यही वजह है कि समद क़ादरी पीड़ित पक्ष के परिवार से द्वेष रखता है।
ताजा मामला ग्वालियर के कोतवाली थाना क्षेत्र का है जहाँ 14 फरवरी को दौलतगंज में रहने वाले सैयद इमरान अली को उसकी शादी के दिन ही समद कादरी और उनके गुर्गों तोसिम, अरशद आदि ने ना सिर्फ़ जमकर पीट दिया बल्कि उनपर पिस्टल लगाई और लूट की। बता दें कि इमरान अली अपनी बेगम को निकाह करके पहली बार घर लेकर आ रहे थे। आपसी रंजिश की इस लड़ाई में अंधे होकर इन बदमाशों ने अपनी दुश्मनी ऐसे समय में निकाली जब किसी व्यक्ति की जीवन का सबसे अहम लम्हा होता है।
समद कादरी, द्वारा मारपीट किए जाने और अपमानित होने के बाद जब दूल्हे इमरान नामक युवक ने पुलिस में शिकायत करनी चाही तो पुलिस ने भी आरोपियों के रसूख और बैकग्राउंड को देखते हुए कोई भी कार्रवाई नहीं की। इमरान अली के मुताबिक उनके वालिद के सिंधिया परिवार से बेहद घनिष्ठ संबंध हैं और उनके पिता सिंधिया ताजिया कमेटी के अध्यक्ष रहे हैं उनका इंतकाल होने के बाद शहर काजी के भाई समद कादरी और उनके गुंडे उनके ऊपर लगातार हावी हो रहे हैं।
जब बदमाशों से पीड़ित युवक इमरान ने 14 फरवरी को हुई इस वारदात के संबंध में कोर्ट से गुहार लगाई तो कोर्ट ने इस घटना में शामिल आरोपियों के खिलाफ जाँच के बाद कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं। परंतु पुलिस जांच रिपोर्ट पेश करने में भी ढील देती नज़र आ रही है। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि उसके गवाहों को भी धमकाया जा रहा है।
अब आगे देखना दिलचस्प होगा कि कोर्ट से भी इमरान अली को न्याय मिल पाता है या फिर यह जाँच सिंधिया राजवंश के कथित राजगुरू अर्थात समद कादरी के रसूख के आगे दम तोड़ देगी।
बाइट-: सैयद इमरान अली पीड़ित युवक
बाइट-: कुशल राजपूत पीड़ित के वकील
