देश में जहर परोसने वाले खाद्य माफिया नेताओं और अफसरों के नैक्सस का खुलासा,
कॉकरोच बने युवाओं ने किया किसानों के साथ धोखे का पर्दाफाश
ग्वालियर में कॉकरोच ने उठाए सिस्टम पर सवाल
खाद्य माफिया के खिलाफ कॉकरोच का हल्लाबोल
ग्वालियर में मुख्यमंत्री के आदेशों की अनदेखी पर कॉकरोच ने उठाए सवाल
जिले में जैविक खेती के नाम पर कृषि विभाग का बड़ा फर्जीवाड़ा
कृषि विभाग और जिला प्रशासन की मिलीभगत से मिलावटखोरों की चाँदी
ऑर्गेनिक उत्पाद के नाम पर जहर परोस रहीं निजी कंपनियां
कृषि विभाग ने बनाई जैविक खेती करने वाले किसानों की फर्जी लिस्ट
आज तक किसी किसान को नहीं मिली प्रोत्साहन राशि
कृषि विभाग द्वारा चिन्हित जिले में कोई भी किसान नहीं करता जैविक खेती
खाद्य सुरक्षा विभाग के भ्रष्ट अफसरों की चाँदी
कार्रवाई के नाम पर छापे और वसूली का खेल जारी
कॉकरोच के मुखौटे लगाकर पहुंचे युवा तो अधिकारियों के उड़े होश
मुख्यमंत्री की किसान हितैषी योजना ग्वालियर में बनी दिखावा
कॉकरोच (सिस्टम के भ्रष्टाचार से तंग आ चुके युवाओं का हल्लाबोल)
क्या ग्वालियर का कृषि विभाग और जिला प्रशासन मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव द्वारा चलाई जा रही किसान कल्याण योजनाओं को पलीता लगा रहे हैं। ये सवाल तब उठता है जब सीएम डॉक्टर मोहन यादव द्वारा आम जनता को शुद्ध और पौष्टिक आहार देने हेतु किसानों को ऑर्गेनिक फार्मिंग के लिए दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि और सुविधाएं किसानों को आज तक दी ही नहीं गई। यही नहीं कृषि विभाग के मुताबिक जिले में एक भी किसान ऑर्गेनिक फार्मिंग नहीं कर रहा है। चलिए वो भी ठीक है मुख्यमंत्री कौन सा ग्वालियर के किसानों से पूछने आ रहे हैं फाइलों में रिपोर्ट भेज देंगे और किसानों का पैसा खा जाएंंगे कोई नहीं पूछने वाला।
लेकिन हद तो तब हुई जब ग्वालियर में जहरीले और मिलावटी खाद्य उत्पाद बेचने वाली कंपनियों को कृषि और खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा पूरी तरह अभयदान दे दिया जाता है। ग्वालियर के माधवगंज स्थित एम लाल ऑर्गेनिक प्रा लि नामक कंपनी जिसके पास कोई फूड लाइसेंस नहीं कोई ऑर्गेनिक फार्मिंग के प्रोडक्ट्स नहीं लेकिन फिर भी भ्रष्ट और निकम्मे अधिकारियों के संरक्षण में खुलेआम ऑर्गेनिक के नाम पर मिलावटी खाद्य पदार्थ धड़ल्ले से बेच रही है। और ये गोरख धंधा सालों से जारी है क्योंकि सिस्टम साथ है। लेकिन अब सदियों से इंसानों से भी पहले पृथ्वी पर रहने वाले जीव कॉकरोच ने सरकारी सिस्टम की दीमक को खत्म करने का बीड़ा उठा लिया है। और अब ये सिस्टम के सताए बेरोजगार लेकिन शिक्षित कॉकरोच सवाल करेंगे सिस्टम से जनप्रतिनिधियों से और अफसरों से तो हो जाइए तैयार कि कॉकरोच हमला करने तैयार है।
