ग्वालियर का सबसे बड़ा असली खनन माफिया कौन….?
नेता प्रशासनिक अफसर पुलिस या फिर….?
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ग्वालियर में शासन हो या प्रशासन उन्हें हाईकोर्ट के किसी भी आदेश निर्देश से कोई फर्क नहीं पड़ता क्योंकि इनका पेट सबसे बड़ा है और ये हम नहीं कह रहे ये बिलौआ में बंद पड़ी अवैध खदानों में होते अवैध खनन की तस्वीरें बयान कर रही हैं। 8 चैकपोस्ट दर्जनों पुलिस कर्मी और प्रशासन की नाक के नीचे होते अवैध खनन की तस्वीरें खनन माफिया का जलवा दिखा रही हैं क्योंकि यहाँ न तो पुलिस और न ही प्रशासन की हिम्मत है कि इन पर कोई कार्रवाई कर सके। बीते रोज दिखावे की कार्रवाई के तौर पर पहुँचीं डबरा एसडीएम नवकिरण कौर ने यूँ तो अवैध खनन में लिप्त दर्जनों मशीनें और गाड़ियां पकड़ीं लेकिन जब्त कितनी हुईं ये राज बिलौआ की अवैध खदानों में दबकर ही रह गया। क्योंकि इस मामले में कलेक्टर एसडीएम खनिज अधिकारी खनिज निरीक्षक सभी ने अपने मुँह पर ताला लगा लिया कोई कैमरे के सामने आने को तैयार नहीं देखिए क्या है पूरा मामला्
हाईकोर्ट की सख्ती के बाद बिलोआ कस्बे में पहाड़ों को खोद गिट्टी का अवैध उत्खनन रोकने के लिए जिले की कलेक्टर रुचिका चौहान ओर SSP धर्मवीर सिंह ने 8 चेकिंग प्वाइंट बनाए हैं इन चैकिंग प्वाइंट पर तमाम पुलिस कर्मी और राजस्व विभाग से जुड़े अधिकारी दिन रात पहरेदारी कर रहे हैं। जिससे उत्खनन रोका जा सके लेकिन माफिया पुलिस प्रशासन की आंखों में धूल झोंककर इस अवैध काम को लगातार अंजाम दे रहा है। मामले की जब शिकायत हुई तो SDM नवकिरण कौर ने बुधवार–गुरुवार की अर्ध रात्रि दल बल के साथ छापा मार कार्यवाही की लेकिन पूरी दम–खम से की गई कार्यवाही में सिर्फ 5 डंफर ही पकड़े जा सके। जिन्हें बिलौआ थाने के सुपुर्द किया गया है। लेकिन बड़ी बात ये है कि जब प्रशासनिक कार्यवाही की गई तब पहाड़ों के बीच बड़ी संख्या में L&T मशीनें और डंफर खनन करते नजर आए। लेकिन प्रशासन सिर्फ 5 पर ही कार्यवाही कर सका। वही मामले में SDM नवकिरण कौर का कहना है कि 5 डंपरों को अवैध उत्खनन के साथ पकड़ा गया है कार्यवाही अभी जारी है। जो वाहन मिले हैं उनको लेकर सीमांकन कराया जा रहा है जिससे पता चल सके कि उत्खनन वैध या अवैध किस रूप में चल रहा था।
