नया सौ दिन पुराना नौ दिन_नई भाजपा बनाम पुरानी भाजपा_स्थापना दिवस पर पूर्वजों को भूले नेता
पितृपुरूषों के त्याग समर्पण और बलिदान को भूलती नई भाजपा_जहाँ से उदय हुआ उसे ही भूले वरिष्ठ नेता सत्ता सुख में अपनी विरासत को भूलते भाजपाई भाजपा की नींव रहे पितृ पुरुषों का त्याग बलिदान की अनदेखी कौन सुनेगा ग्वालियर भाजपा के कार्यालय मुखर्जी भवन की सुनसान पड़ी इमारत की दीवारों का दर्द स्थापना दिवस…
