ग्वालियर में अवैध रूप से रह रहे 1 दर्जन से ज्यादा बांग्लादेशी पकड़े,
शहरी इलाकों की झुग्गी झोंपड़ियों में निवास कर रहे लोगों के पास नहीं मिले वैध दस्तावेज।
ग्वालियर में संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिकों के खिलाफ क्राइम ब्रांच ने बड़ी कार्रवाई की है। शहर के अलग-अलग इलाकों में दबिश देकर 13 संदिग्ध बांग्लादेशियों को हिरासत में लिया गया है। इनमें 7 पुरुष, 3 महिलाएं और 3 बच्चे शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक, ये लोग कई महीनों से शहर के सीमावर्ती इलाकों में रह रहे थे, लेकिन पूछताछ में अपनी पहचान से जुड़े वैध दस्तावेज पेश नहीं कर सके। अब पुलिस इनकी नागरिकता, भारत आने के तरीके और यहां रहने के कारणों की जांच कर रही है। सवाल है कि क्या ये लोग बिना दस्तावेजों के रह रहे थे या फिर इनके पास फर्जी पहचान पत्र हैं?
ग्वालियर क्राइम ब्रांच को सूचना मिली थी कि शहर के कुछ इलाकों में संदिग्ध लोग बिना वैध दस्तावेजों के रह रहे हैं। सूचना के बाद पुलिस ने विशेष अभियान चलाया और तीन अलग-अलग जगहों पर एक साथ दबिश दी। कार्रवाई में 13 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की गई। पुलिस अब इनके दस्तावेज, पहचान और नागरिकता की पुष्टि में जुटी है।
बाइट- धर्मवीर सिंह, एसएसपी, ग्वालियर
जांच में सामने आया है कि ये लोग झुग्गी-झोपड़ी क्षेत्रों में रह रहे थे। पुलिस इनके मोबाइल फोन, स्थानीय संपर्कों और मिले दस्तावेजों की पड़ताल कर रही है। जांच का फोकस इस बात पर भी है कि कहीं इनके पास मौजूद पहचान पत्र फर्जी तो नहीं हैं और क्या किसी स्थानीय नेटवर्क की इसमें भूमिका है।
बाइट- धर्मवीर सिंह, एसएसपी, ग्वालियर
ग्वालियर में संदिग्ध विदेशी नागरिकों को लेकर पहले भी कार्रवाई हो चुकी है। अक्टूबर 2025 में हरियाणा पुलिस से मिले इनपुट के आधार पर महाराजपुरा इलाके से 8 बांग्लादेशी नागरिकों को पकड़ा गया था। इसके बाद पुलिस ने किराएदारों और झुग्गी बस्तियों के सत्यापन अभियान को तेज कर दिया। पुलिस के मुताबिक अब तक 10 से ज्यादा बांग्लादेशी नागरिकों को डिपोर्ट किया जा चुका है।
