Headlines

रामनिवास रावत कहीं बलि का बकरा तो नहीं बने…?

Please follow and like us:
Pin Share

इस हार का ठीकरा फोड़ने एक अदद सिर की आवश्यकता है… भाजपा मध्यप्रदेश

ग्वालियर चम्बल के विधानसभा उपचुनाव के बाद कांग्रेस भयंकर उत्साहित है। वहीं भाजपा के दिग्गज नेताओं के बीच सियासी संग्राम जारी है। अब जरूरत है तो सिर्फ इसकी कि हार की ठीकरा किसके सिर पर फोड़ा जाए। क्या लोकसभा में 29 सीटें लाने वाले सूबे के मुखिया इसके जिम्मेदार हैं। या फिर ज्योतिरादित्य सिंधिया इस हार के जिम्मेदार हैं जिन्होंने अपने अहम के चलते मध्यप्रदेश में हुए विधानसभा उपचुनाव से खुद को दूर रखा। अरे हाँ इस चुनाव में सबसे महत्वपूर्ण चेहरा तो विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर थे जिन्होंने अपने पूर्व लोकसभा क्षेत्र में पूरा दम खम दिखाया और ये कहना ग़लत नहीं होगा कि ये उपचुनाव उनकी‌ नाक का सवाल बन गया था। और हाँ एक आखिरी मोहरा और था वो था श्योपुर जिले के कलेक्टर किशोर कन्याल जिन्हें हटाने की मांग कांग्रेस ने बीच चुनाव में कई बार की थी।

अब इतने सारे दिग्गज नेताओं में कौन है वो विभीषण जो वन मंत्री रामनिवास रावत की हार का कारण बना। किसे पता था कि रामनिवास का‌ अमृत कहाँ है। एक सवाल उठता है ज्योतिरादित्य सिंधिया पर कि क्यों उन्होंने उपचुनाव से दूरी बनाए रखी। हालांकि उनका‌‌ कहना‌ है कि मुझे बुलाया जाता तो मैं जरूर जाता। दूसरे नंबर पर आते हैं प्रदेश के मुखिया डॉ मोहन यादव जिन्होंने विधानसभा अध्यक्ष के साथ अपनी दोस्ती निभाई और पार्टी की अपना सबसे ज्यादा समय विजयपुर की सीट पर दिया। अब बात करते हैं भाजपा की इस चुनावी हार से होने वाले फायदे की । किसे फायदा हुआ और किसे नुकसान ये सबसे बड़ा यक्ष प्रश्न है जिसका उत्तर हमने ग्वालियर चम्बल के नेताओं की राजनीति बगावत निजस्वार्थ और क्रय विक्रय की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए पूरी तरह पूर्वाग्रह से ग्रसित होकर ढूंढने की कोशिश की है। यहाँ भाजपा की हार से सिंधिया और मोहन यादव को खास फर्क नहीं पड़ने वाला लेकिन कोई है जिसे यहाँ के बिगड़े हुए समीकरण से लाभ मिल सकता है तो वो हैं अपने तोमर साहब क्योंकि माननीय विधानसभा अध्यक्ष का पिछला ट्रेक रिकॉर्ड देखें तो साइलेंट किलर कहे जाने वाले देश के कद्दावर नेता की बयानबाजी से ज्यादा चुप्पी के कई मायने रहे हैं। सबसे पहले इन्हें खुद की वापसी करनी है और साथ ही अपने उत्तराधिकारी जो येन केन प्रकारेण बदनाम हो गए थे उनके लिए जमीन तैयार करनी है।और ग्रामीण इलाकों से बेहतर जमीन कोई भी नहीं हो सकती।वैसे भी भोले भाले ग्रामीण सवाल‌ नहीं करते। आसानी से बहल‌ जाते हैं और बहुत जल्दी प्रभावित भी हो जाते हैं।

Please follow and like us:
Pin Share

Leave a Reply

hacklink satın al grandpashabet grandpashabet giriş grandpashabet güncel giriş grandpashabet grandpashabet giriş grandpashabet giriş güncel meritking meritking giriş meritking güncel giriş holiganbet holiganbet giriş holiganbet güncel giriş bahiscasino kralbet alobet alobet giriş pashagaming pashagaming giriş meritking meritking giriş casibom casibom giriş casibom güncel atlasbet atlasbet giriş vaycasino vaycasino giriş jojobet jojobet giriş jojobet güncel giriş holiganbet holiganbet giriş holiganbet güncel giriş https://tr.mrking-7eylul.art/ jojobet jojobet giriş jojobet güncel Limanbet Limanbet Giriş Limanbet Limanbet Güncel Giriş Coinbar Coinbar Giriş Coinbar Coinbar Güncel Ngsbahis Ngsbahis Giriş Ngsbahis Ngsbahis Güncel Giriş Klasbahis Klasbahis Giriş Klasbahis Klasbahis Giriş Jasminbet Jasminbet Giriş Jasminbet Jasminbet Giriş Deneme bonusu deneme bonusu veren siteler jojobet jojobet giriş holiganbet holiganbet giriş holiganbet güncel giriş meritking meritking giriş meritking güncel giriş jojobet güncel giriş matbet holiganbet holiganbet giriş holiganbet güncel giriş holiganbet holiganbet giriş holigabet güncel giriş meritking meritking giriş meritking güncel giriş holiganbet holiganbet giriş holiganbet güncel giriş nakitbahis meritking meritking giriş meritking güncel giriş betcio Marsbahis bahsegel bahsegel