कर्मचारी, प्रोफेसर, कुलपति, मंत्री मध्यप्रदेश में सब बिकता है, बस पैसा लाइए सरकार भी बिकाऊ है।
देखिए पूरी खबर का वीडियो….
ग्वालियर की जीवाजी यूनिवर्सिटी भूतों को भी एफीलिएशन देती है और यदि आपके पास पैसा है तो आप यहां लाखों रुपया देकर करोड़ अरबों रुपए कमा सकते हैं। जी हां यह कारनामा कर दिखाया है ग्वालियर की जीवाजी यूनिवर्सिटी के कुलपति और उनके मातहत प्रोफेसरों ने जिन्होंने 14 साल तक लगातार एक ऐसे कॉलेज का निरीक्षण किया जो इस धरती पर भी नहीं था जिसका कोई भवन ना ही फैकल्टी और ना ही छात्र। अब आप कहेंगे की ऐसे कॉलेज को मान्यता कैसे दी जा सकती है जो पृथ्वी पर मौजूद ही ना हो। लेकिन सब पैसा बोलता है और पैसा बुलवाता भी है और पैसा काम करवाता है जो चाहे वह काम कितना भी गलत हो, और यह अनपढ़ नहीं है यह गरीब नहीं है जिनको खाने के लाले पड़े हो या जिन्हें रोटी के लिए पेट के लिए सही गलत काम की समझ ना हो। यह उच्च शिक्षा प्राप्त ऐसे विद्वान है जो की छात्रों के लिए एक आदर्श माने जाते हैं। छात्र इनके पैर छूते हैं और यह देश के भविष्य को तैयार करते हैं। मुरैना के झुंडपुरा में ऐसा ही शिव शक्ति कॉलेज है जो न जमीन पर है और न ही आसमान में। लेकिन यहाँ प्रिंसिपल भी हैं छात्र भी हैं और उन्हें पढ़ाने वाले प्रोफेसर भी लेकिन यह सब स्थानीय गांव वालों को नजर नहीं आते लेकिन वर्ष भर में एक बार जाने वाले जीवाजी यूनिवर्सिटी के कुलपति अविनाश तिवारी को और उनके प्रोफेसर को दिखाई देते हैं। क्योंकि इनके पास दिव्या दृष्टि है जो लाखों करोड़ों की रिश्वत लेकर मिलती है। जीवाजी यूनिवर्सिटी का यह पहला मामला नहीं है इस यूनिवर्सिटी पर 400 कॉलेज को अवैध रूप से संबद्धता देने के आप भी लग चुके हैं सुनिए शिवशक्ति कॉलेज के कथित प्रिंसिपल और शिकायतकर्ता अरुण कुमार शर्मा का क्या कहना है।
क्या है पूरा मामला देखिए….

लोकेशन ग्वालियर
एंकर-: मुरैना जिले के झुंड पुरा में 14 सालों से संचालित फर्जी कॉलेज मामले में ग्वालियर चम्बल संभाग सबसे बड़ी की नैक A++ जीवाजी यूनिवर्सिटी के कुलपति समेत 2 कुलपतियों और 18 प्रोफ़ेसरों पर EOW ने FIR दर्ज की है। यह FIR 14 सालों से शिवशक्ति कॉलेज का निरीक्षण करने वाले उन आरोपी प्रोफेसरों के खिलाफ हुई है जिन्होंने झुंडपुरा जाकर शिवशक्ति कॉलेज का निरीक्षण किया था और अपनी रिपोर्ट में लगाभग 9 हजार वर्ग फीट एरिए में कॉलेज की बिल्डिंग संचालित होना बताया था। यही नहीं इस कॉलेज में 14 सालों से छात्रों की छात्रवृत्ति भी निकाली जा रही थी। कॉलेज संचालक ने फर्जी रूप से यहां एक प्रिंसिपल की नियुक्ति भी की थी लेकिन इस बात का खुलासा तब हुआ उस कथित प्रिंसिपल ने ही कॉलेज और जीवाजी यूनिवर्सिटी के खिलाफ़ मोर्चा खोल दिया। जब हमारे संवाददाता जीवाजी यूनिवर्सिटी पहुँचे तो निरीक्षण करने वाले दागी प्रोफेसर मौके से भागते नजर आए।
वीओ-: वैसे तो ग्वालियर की जीवाजी यूनिवर्सिटी अपने भ्रष्टाचार को लेकर अक्सर विवादों में रहती है। लेकिन इस बार यहाँ के 18 प्रोफेसर और दो कुलपति भ्रष्टाचार में लिप्त पाए गए हैं। शिवशक्ति कॉलेज के कथित प्रिंसिपल और फरियादी अरुण शर्मा द्वारा काफी लम्बे समय से इस फर्जी कॉलेज की शिकायत वरिष्ठ अधिकारियों और शासन प्रशासन और राज्यपाल तक को की जा रही थी लेकिन यूनिवर्सिटी के कुलपति समेत किसी भी अधिकारी ने इस पर संज्ञान नहीं लिया। EOW में शिकायत दर्ज होने के बाद अब जीवाजी यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ अविनाश तिवारी राजस्थान यूनिवर्सिटी के कुलपति के एक ठाकुर समेत निरीक्षण का फर्जी निरीक्षण करने वाले सभी प्रोफेसरों की नींद हराम हो गई हैं। यूनिवर्सिटी प्रबंधन इस मामले में कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है। वहीं फरियादी अरुण शर्मा ने यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ अविनाश तिवारी पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
