
मुख्यमंत्री के आने से पुलिस टेंशन में….
हैड कांस्टेबल ने छीना पत्रकारों का मोबाइल।
क्या गृह विभाग के मुखिया मुख्यमंत्री के ग्वालियर आगमन पर पुलिस की टेंशन बढ़ गई है, ये फिर मुख्यमंत्री के वरदहस्त पाकर पुलिस निरंकुश हो चुकी है, ये हम आपको बताएँगे लेकिन उससे पहले आपको ये बता दें कि इस बार पुलिस ने जनता के सामने पुलिस की छवि को बनाने वाले पत्रकारों को ही अपनी गुंडागर्दी का निशाना बना दिया।
पुलिस ने थाने में किया पत्रकारों का आत्मीय स्वागत, इन तस्वीरों को ध्यान से देखिएगा क्योंकि ये वीडियो आपको पुलिस की असली कहानी बताते हैं।
अक्सर इस तरह की तस्वीरें प्रदेश के अधिकांश थानों में नजर आती हैं, वर्तमान परिस्थितियों में आम जनता के साथ पुलिस कर्मियों द्वारा मारपीट की घटनाएं सामान्य मानी जाती हैं लेकिन पुलिस प्रशासन की गुंडई अब खबरों के लिए थाने में पहुँचने वाले पत्रकारों को भी भारी पड़ने लगी है, ग्वालियर के थानों में बैठे लाट साहबों ने आम जनता के साथ पत्रकारों को भी निशाना बनाना शुरू कर दिया है ताजा मामला ग्वालियर के इंदरगंज थाने का है जहाँ क्राइम की खबरों की जानकारी लेने पहुंचे दो फील्ड जर्नलिस्ट सोमेश शर्मा और राघव अग्रवाल को पुलिस की दबंगई का सामना करना पड़ा यही नहीं अभद्रता कर रहे कांस्टेबल पत्रकार सोमेश शर्मा का मोबाइल भी छीन लिया, काफी हुज्जत के बाद मोबाइल तो वापिस मिल गया लेकिन आम जनता पर पुलिस की गुंडागर्दी का खुलासा भी हो गया कि जब थाने के अंदर लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के साथ मारपीट की वारदात हो सकती है तो जनता के साथ क्या सुलूक होता होगा, पत्रकारों ने थाना प्रभारी को फोन किया तो उन्होंने फोन उठाना मुनासिब नहीं समझा, अब देखना ये होगा कि नेताओं व्यापारी अफसरों और धनाढ्यों की चमचागिरी में लगे पुलिस अधिकारी पत्रकारों के साथ अभद्रता पर क्या एक्शन ले पाएँगे क्योंकि यहाँ (___) मौसेरे भाइयों की कमी नहीं है।
