ग्वालियर के भाग्य विधाता या फिर दुर्भाग्य का प्रतीक
ये ग्वालियर के भाग्य विधाता हैं….? हालांकि ग्वालियर जैसे पॉलिटिकल पॉवर सेंटर शहर में हर अधिकारी अपनी पूँछ बचाकर ही काम करता है क्योंकि यहाँ कथित महाराज बॉस दादा और भाईसाहबों की ज्यादा चलती है बजाए शासन प्रशासन के। ये यहाँ आकर केवल अपनी नौकरी करते हैं और दो तीन साल में चलते बनते हैं।…
